बालगृह (बालिका) केन्द्र
संचालनाय महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दिनांक 27
/
07
/
2018
को पत्र क्रमांक @ 5073
/
.
बा
.
वि
./
आईसीपीएस
/
18
-
19
के आदेषानुसार संस्था द्वारा कांकेर जिले में 50 बच्चो की क्षमता वाले बालगृह
(
बालिका
)
केन्द्र का संचालन किया जा रहा हैं।
वर्ष 2018
-
19
अंतर्गत बालगृह
(
बालिका
)
में कुल 45 बालकों का आगमन हुआ वर्तमान में 35 बालिका उपस्थिति हैं। संस्था द्वारा बालगृह
(
बालिका
)
केन्द्र में निवासरत बालिकाओं हेतु उनके भोजन व्यवस्था
(
मैन्यु चार्ट के हिसाब से
),
शयन व्यवस्था, मनोरंजन की व्यवस्था, खेलने की व्यवस्था एवं उनके षिक्षा की व्यवस्था की गई हैं। प्रत्येक माह बालिकाओं का स्वास्थ परीक्षण भी कराया जाता हैं। संस्था द्वारा शासन के आदेषानुसार बालगृह
(
बालिका
)
केन्द्र में 14 कर्मचारीवृन्द की नियुक्ति की गई है। जिनके द्वारा अपने कार्य दायित्वों का निर्वहन उचित ढंग से किया जाता हैं। संस्था के समस्त क्रियाकलापों एवं व्यवस्थाओं का समय-समय पर विभागीय अधिकारीयों एवं अन्य अधिकारीयों द्वारा निरिक्षण किया जाता हैं।

प्रस्तावना

कांकेर जिले में बालगृह
(
बालिका
)
केन्द्र का संचालन तृप्ति समाज सेवी संस्था
,
धमतरी के द्वारा 17
/
09
/
2018
से विधिवत् किया जा रहा है। संस्थान में विधि का अभिकथित उल्लंघन करने पाए जाने वाले बालिकाओं और देखरेख तथा संरक्षण के जरूरतमंद बालिकाओं के सर्वोत्तम हित न्याय निर्णयन और निपटारे बालिकाओं के प्रति मित्रवत् दृष्टिकोण अपनाते हुए समुचित देखरेख
,
संरक्षा
,
विकास
,
उपचार
,
समाज में पुनः मिलाने के माध्यम से उनकी मूलभूत जरूरतों को पुरा करते हुए बालिकाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और बालिकाओं का सर्वोत्तम विकास करना ही संस्था का मुख्य लक्ष्य है।
बालगृह
(
बालिका
)
केन्द्र में 02 बालिकाये
(
18 वर्ष
)
,
06 बालिकाये
(
17 वर्ष
) ,
05 बालिकाये
(
16 वर्ष
) ,
04 बालिकाये
(
15 वर्ष
) ,
03 बालिकाये
(
14 वर्ष
),
04 बालिकाये
(
13 वर्ष
) ,
02 बालिकाये
(
12 वर्ष
) ,
03 बालिकाये
(
11 वर्ष
)
01बालिकाये
(
10 वर्ष
)
,
निवासरत हैं। जिसमें 12 बालिकाये नियमित छात्राएं है जो नियमित स्कूल जाते हैं। 06 बालिकाएं ओपर परीक्षा दिला रही हैं।

बालगृह
(
बालिका
)
केन्द्र कांकेर कार्यालय

उद्देष्य

किषोर न्याय
(
बालकों की देखरेख और संरक्षण
)
अधिनियम 2015 के अनुसार मुख्य उद्देष्य -:

  1. 1 जिसके बारे में यह पाया जाता है कि उसका कोई घर या निष्चित निवास स्थान नही है, जिसके पास जीवन निर्वाह के कोई साधन नही है उनको संरक्षण प्रदान करना।
  2. 2 श्रम विधियों का उल्लंघन करने वाले या पथ पर भीख मांगने वाले बालिकाओं को संरक्षण प्रदान करना ।
  3. 3 बालिकाओं को मारने उसे क्षति पहुचाने, उनका शोषण करने वाले बालिकाओं को संरक्षण प्रदान करना।
  4. 4 बाल कल्याण समिति के द्वारा अयोग्य या असमर्थ पाये गये बालकों को संरक्षण प्रदान करना।
  5. 5 जिसके माता-पिता नही है और कोई भी उसकी देखरेख करने का इच्छुक नही है या जिसके माता-पिता से उसका परित्याग या अभ्यर्पण कर दिये ऐसे बालको की संरक्षण प्रदान करना।

संस्था के द्वारा बालिकाओं को प्रदान की जाने वाली सेवाएं

  1. 1 संस्था में आगमन पष्चात् 24 घण्टे के अंदर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराया जाता है।
  2. 2 बालिकाओं को रोजगार हेतु शैक्षणिक प्रषिक्षण दिया जा रहा है।
  3. 3 बालिकाओ को सर्वागिण विकास प्रषिक्षण/कार्यषाला लगाया जाता है।
  4. 4 इन्डोर/आउटडोर खेल एवं मनोरंजन की सुविधा प्रदान किया गया है।
  5. 5 22 शैक्षणिक प्रषिक्षण हेतु बालिकाओं को स्कूल में भर्ती कराया जाता है।
  6. 6 बालिकाओं को खेल-कूद के साथ-साथ मेंहदी, सिलाई-कढ़ाई, षिक्षा का महत्व दिया जाता था।

संस्था द्वारा बालगृह
(
बालिका
)
केन्द्र में बालिकाओं के सर्वोत्तम हित के लिए कार्य कर रही है। देखरेख, संरक्षा, विकास, उपचार
,
बालिकाओं के प्रति मित्रवत् दृष्टिकोण अपनाते हुए समाज में पुनः मिलाकर बालिकाओं को मुख्य धारा से जोड़ना संस्था का मुख्य उद्देष्य है।
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